बाल रूप में धरती पर आये।
खुद को पाकर जग में अकेला।,
सच हमारे मन घबरायें।

हमने प्रार्थना की हे प्रभु जी ,
हम ना अकेले जी पायेंगें।
हमको आती याद आपकी ,
आप बिना ना रह पायेंगें।
प्रभु एक हम शिशु अनेक ,
किस -किस वो पास जाते।
भला कैसे इतने शिशुओं को ,
किस -किस वो पास जाते।
भला कैसे इतने शिशुओं को ,
तब ईश्वर ने रूप लिए अनेक ,
सभी को माँ एक नाम दिया।
सभी को माँ एक नाम दिया।
माँ रूप में ईश्वर का साथ ,
जग ने एक साथ पा लिया।




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